
वन स्टॉप सेंटर की सूझबूझ से सुरक्षित वापस लाई गई उज्बेकिस्तान की महिला, पुलिसकर्मियों गया हटाया
फोन पर बात कराने की जिद में केंद्र से निकल गई थी विदेशी महिला, सेंटर टीम व उच्चाधिकारियों की दिखी सूझबूझ
रायबरेली। उज्बेकिस्तान की महिला मदिना खो निशोनोवा की सुरक्षा से जुड़े मामले में वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी की सतर्कता काम आई। फोन पर बात कराने की जिद पर अडी विदेशी महिला नाराज होकर सलोन थाने जाने की लगाती रही रट महिला बीते दिन केंद्र से निकल गई। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी उसे रोक नहीं सकीं लगातार पीछे लगी रही पर हाथ लगाने से भी रही थी कतरा…इस बीच वन स्टॉप सेंटर के एक पुरुष एमटीएस कर्मचारी ने सुरक्षा की जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए उसको समझाता रहा और सुरक्षा के उद्देश्य से पीछे लगा रहा साथ ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद थाना सलोन, कोतवाली नगर और वन स्टॉप सेंटर की टीम ने रेस्क्यू कर महिला को सुरक्षित वापस केंद्र पहुंचाया। बताया जाता है कि महिला की देखरेख के लिए सलोन थाने से दो महिला आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई थी। घटना के बाद दोनों आरक्षियों को हटाकर उनके स्थान पर अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस बदलाव के आधिकारिक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि मुकदमा अपराध संख्या 283/2026 में महिला को न्यायालय में पेश करने पर रिमांड मजिस्ट्रेट ने पुलिस की मांग अस्वीकार कर दी थी। साथ ही उपनिरीक्षक अर्चित अग्रवाल और विवेचक रामभवन चौधरी के विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में पूरे प्रकरण के बीच वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी की सतर्कता और विभिन्न इकाइयों के समन्वय से महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कार्रवाई महत्वपूर्ण रही।

