थर्ड डिग्री के आरोपों के बीच सामने आया वीडियो, युवक के बयान से मामले ने लिया नया मोड़
रायबरेली। डीह थाना क्षेत्र के टेकारी महल में लाखों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस की पूछताछ अब आरोपों और सामने आए वीडियो को लेकर चर्चा में है। गांव निवासी रविकेश ने दरोगा सुभाष यादव और दो अन्य सिपाहियों पर पांच दिनों तक थाने में रखकर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया है। युवक के शरीर पर निशान होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इसी बीच सामने आए वीडियो ने मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष सामने रखा है। वीडियो में रविकेश स्वयं कहता दिखाई दे रहा है कि पुलिस उसे पूछताछ के लिए लेकर आई थी, उसके साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई और उसे छोड़ा जा रहा है। युवक का यह बयान पुलिस के पक्ष में महत्वपूर्ण तथ्य है। इससे पूछताछ के दौरान मारपीट किए जाने के आरोपों की सत्यता को लेकर सवाल जरूर खड़े होते हैं।

चोरी जैसी गंभीर घटना की जांच में संदिग्धों से पूछताछ पुलिस की सामान्य विवेचनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में केवल पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए ले जाए जाने को गलत कार्रवाई नहीं माना जा सकता। वहीं, थर्ड डिग्री के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण भी आवश्यक है। अब अहम सवाल यह है कि आरोपों और वीडियो में सामने आए बयान के बीच वास्तविक स्थिति क्या है..? खैर दो वीडियो बयान और एक ही पीड़ित ऐसे में निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी आखिर वास्तविकता क्या है इससे न केवल पुलिसकर्मियों के पक्ष का निष्पक्ष आकलन होगा, बल्कि युवक के आरोपों की वास्तविकता भी सामने आ सकेगी।फिलहाल, सामने आए वीडियो ने प्रकरण को नया दृष्टिकोण दिया है। ऐसे में किसी एक पक्ष को दोषी या निर्दोष ठहराने के बजाय साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष तक पहुंचना जरूरी है।
