मूसलाधार बारिश बनी आफत,अभिमन्यु सिंह बने राहत पानी में उतरकर संभाली शहर की लड़खड़ाती ट्रैफिक व्यवस्था
रायबरेली। आमतौर पर पुलिस की वर्दी चर्चा में हो तो वजह सवाल या शिकायत होती है, लेकिन बुधवार को सिविल लाइन चौराहे से सामने आया एक वीडियो खाकी के उसी पक्ष को सामने ला रहा है, जिसकी चर्चा कम होती है.. मूसलाधार बारिश के बीच जब शहर की सड़कें जलभराव से जूझ रही थीं और यातायात व्यवस्था प्रभावित होकर वाहनों की कतारों में तब्दील हो रही थी, तब ट्रैफिक दारोगा अभिमन्यु सिंह लोगों को जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए खुद सड़क पर उतरकर यातायात संभालते दिखाई दिए….तेज बारिश के बीच सड़क पर अभिमन्यु सिंह हाथ में छाता लिए नंगे पैर वाहनों के बीच यातायात संचालित करते रहे… उनका यह अंदाज किसी औपचारिक फोटो सेशन का हिस्सा नहीं, बल्कि उस वक्त की ड्यूटी के दौरान का दृश्य बताया जा रहा है, जब जलभराव के कारण यातायात की रफ्तार प्रभावित होने लगी थी। वे लगातार वाहनों को व्यवस्थित कर आगे बढ़ाने और चौराहे पर बन रही अव्यवस्था को नियंत्रित करने में जुटे रहे…इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है।

खास बात यह रही कि जहां सामान्य परिस्थितियों में भी यातायात संभालना चुनौतीपूर्ण होता है, वहीं बारिश और जलभराव के बीच उन्होंने मौके से हटने के बजाय व्यवस्था संभालने को प्राथमिकता दी…पुलिस की वर्दी अधिकार का प्रतीक जरूर है, लेकिन उसकी विश्वसनीयता का वास्तविक परीक्षण ऐसे ही मौकों पर होता है, जब अधिकारी या कर्मचारी कागजी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर जनता की परेशानी के बीच खड़ा दिखाई दे। सिविल लाइन चौराहे पर अभिमन्यु सिंह की सक्रियता इसी तस्वीर को सामने लाती है…बेशक शहर में जलभराव और बारिश के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर व्यवस्थागत सवाल अपनी जगह हैं, लेकिन इन परिस्थितियों के बीच सड़क पर डटे यातायात दारोगा का यह प्रयास इस बात की मिसाल जरूर बना कि ड्यूटी सिर्फ वर्दी पहनकर निभाने का नाम नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त जनता के बीच खड़े रहने का भी नाम है।


