तीन चोर, तीन वारदात और चोरी का एक ही तरीका दिन में रेकी, रात में ताला तोड़कर माल पार
दिन में मोटरसाइकिल से रेकी, रात में ताले तोड़कर चोरी
रायबरेली। शहर में बंद और सूने मकानों को पहले दिन के उजाले में तलाशना और फिर रात के अंधेरे में उन्हीं घरों के ताले तोड़कर नकदी व कीमती सामान समेट ले जाना कोतवाली नगर पुलिस ने चोरी की वारदातों के इसी तरीके का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है…आईटीआई ग्राउंड, गोरा बाजार से पकड़े गए आरोपियों में इन्दिरा गार्डन महानंदपुर निवासी अशरफ उर्फ बग्गड़, राजकीय कॉलोनी निवासी दीपक और गल्लामंडी निवासी इकराम शामिल हैं…पुलिस के मुताबिक पूछताछ में तीनों ने शहर में अलग-अलग स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है…खास बात यह है कि गिरोह का कथित सरगना अशरफ उर्फ बग्गड़ पुलिस के रिकॉर्ड में पहले से ही करीब दो दर्जन मुकदमों वाला आरोपी बताया जा रहा है….पुलिस के मुताबिक कोतवाली नगर क्षेत्र में चोरी की लगातार सामने आई घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए इनके अनावरण के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई थीं…अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में टीमों ने आरोपियों की तलाश शुरू की इसी दौरान मंगलवार, 8 सितंबर को मुखबिर की सटीक सूचना पर आईटीआई ग्राउंड गोरा बाजार के पास घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का सामान भी बरामद किया है…बरामदगी के आधार पर संबंधित मुकदमों में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
*शहर की तीन वारदातों की कड़ियां एक ही गिरोह तक पहुंचीं*
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का संबंध कोतवाली नगर क्षेत्र में हुई कम से कम तीन चोरी की घटनाओं से सामने आया है। 27/28 जून की रात तिलक नगर में चोरी की घटना हुई थी, जिसके संबंध में मुकदमा संख्या 158/2026, धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस दर्ज किया गया था….इसके बाद 14/15 जुलाई की रात नेहरू नगर में चोरी हुई, जिसमें मुकदमा संख्या 164/2026, धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस दर्ज किया गया…वहीं 27/28 अगस्त की रात आचार्य द्विवेदी नगर में हुई चोरी के मामले में मुकदमा संख्या 197/2026, धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस दर्ज हुआ था….पुलिस की जांच में इन घटनाओं की कड़ियां गिरफ्तार आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया गया है।
*शहर की सडको से पहले दिन में रेकी, फिर रात में वारदात*
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे मोटरसाइकिल से दिन के समय शहर और आसपास के इलाकों में घूमते थे और बंद तथा सूने मकानों की रेकी करते थे… जिस घर के खाली होने की पुष्टि हो जाती, उसे निशाने पर रख लिया जाता था। इसके बाद रात में वहां पहुंचकर दरवाजे का ताला तोड़कर घर में दाखिल होते और आलमारी आदि खंगालकर नकदी व कीमती सामान चोरी कर लेते थे…वारदात के बाद तीनों मौके से फरार हो जाते थे। इस तरीके से साफ है कि चोरी की घटनाओं में घर को अचानक निशाना बनाने के बजाय पहले उसकी निगरानी और पहचान की जाती थी और मौका मिलने पर रात में वारदात को अंजाम दिया जाता था….पुलिस अब बरामद सामान के आधार पर यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इन घटनाओं के अलावा शहर अथवा आसपास के अन्य इलाकों में और कितनी वारदातें की हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अशरफ उर्फ बग्गड़ का नाम पुलिस के लिए नया नहीं है….पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ पहले से करीब दो दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में नए मामलों में उसकी गिरफ्तारी को पुलिस के लिए अहम कड़ी माना जा रहा है।


