कानपुर से इस वक्त की बड़ी खबर है।
दिल्ली के साकेत में महिला पत्रकारों के साथ कथित पुलिस मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले को लेकर अब ऑल इंडियन रिपोर्ट्स एसोसिएशन यानी आईरा प्रेस क्लब ने मोर्चा खोल दिया है।
सवाल सिर्फ दो महिला पत्रकारों का नहीं है…
सवाल है पत्रकार के सवाल पूछने के अधिकार का।
सवाल है देश के चौथे स्तंभ की सुरक्षा का।
इसी मुद्दे को लेकर ऑल इंडियन रिपोर्ट्स एसोसिएशन यानी आईरा प्रेस क्लब, कानपुर नगर ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने की पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूरज वर्मा और जिला वरिष्ठ मंत्री तल्हा हाशमी ने किया।
आईरा प्रेस क्लब ने दिल्ली के साकेत प्रकरण में कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस दौरान आईरा प्रेस क्लब ने साफ कर दिया कि 4PM न्यूज़ नेटवर्क की उन महिला पत्रकारों को संगठन अकेला नहीं छोड़ेगा, जिनके साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार हुआ।
जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूरज वर्मा ने आरोप लगाया कि पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने के बाद उनके साथ कथित तौर पर पुलिस ने बर्बर व्यवहार किया और उन्होंने कार्रवाई में देरी पर भी सवाल उठाए।

वहीं जिला वरिष्ठ मंत्री तल्हा हाशमी ने कहा कि मुद्दा महिला या पुरुष का नहीं है…
मुद्दा यह है कि पत्रकार पर कथित हमला हुआ है।
उन्होंने दो टूक कहा कि आईरा प्रेस क्लब 4PM की महिला पत्रकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सबसे बड़ा ऐलान भी इसी दौरान किया गया।
आईरा प्रेस क्लब ने 15 दिन का समय दिया है।
संगठन का कहना है कि अगर इस अवधि में मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो आईरा प्रेस क्लब का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगा।
जरूरत पड़ी तो जेल जाने तक की बात भी संगठन ने कही है।
यानी कानपुर से उठी ये आवाज अब दिल्ली तक पहुंचाने की तैयारी है।
*आईरा प्रेस क्लब का संदेश बिल्कुल साफ है—*
पत्रकार सवाल पूछेगा, पत्रकार अपना काम करेगा…
और पत्रकारों के साथ होने वाले कथित उत्पीड़न के खिलाफ संगठन आवाज उठाता रहेगा।
अब देखना होगा कि 15 दिन के इस अल्टीमेटम के बाद दिल्ली पुलिस और संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।



